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ऋण परामर्श

ऋण परामर्श का अर्थ है कि व्यक्तियों को उनके आर्थिक संकट को दूर करने के लिये ऋण की जरुरत का आकलन करना तथा ऋण प्रबन्धन करने के प्रति शिक्षित करना है।

ऋण परामर्श दो प्रकार का है बचावात्मक तथा सुधारात्मक।

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बैंकिंग व्यवहार एवं आचार संहिता

अप्रैल 2005 में राष्ट्रीय राजनैतिक विज्ञापन के द्वारा बैंको के साथ मिलकर भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग संहिता एवं भारतीय मानक बोर्ड की स्थापना की। यह उद्योगों के लिये निगरानी रखने वाले की तरह काम करता है। जिससे कि प्रत्येक सदस्य बैंक (जिसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा शहरी सहकारी बैंक सम्मिलित है) को सौंपी गयी कम से कम मानक ग्राहक सेवाएं प्रदान करें।
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भारत में बैंकिंग व्यवहार एवं नागरिक अधिकार पत्र

सामाजिक तथा आर्थिक उद्देश्यों की पूर्ति तथा बैंकिंग में अधिक से अधिक ग्राहकों की सहभागिता और अन्त में ग्राहकों की संतुष्टि ही बैंकिंग उद्योग की सफलता है। ग्राहकों के लिये अधिकार पत्र प्रतिबद्धता एवं जिम्मेदारियों के साथ साथ शिकायत निवारण प्रक्रिया को भी दर्शाता है। इसके अतिरिक्त ग्राहकों से भी अपेक्षित है कि ग्राहक, बैंक से सौहार्दपूर्ण संबंध बढ़ायें।
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हमारे बारे में

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ज्ञान ज्योति वित्तीय साक्षरता एवं ऋण परामर्श न्यास का औपचारिक उद्धाटन 20 अक्तूबर, 2010 (सिंडिकेट बैंक का 85वाँ स्थापना दिवस) को मणिपाल में कर्नाटक सरकार के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डा॰ वी. एस. आचार्य द्वारा किया गया। मणिपाल विश्वविद्यालय के कुलपति, डा॰ रामदास एम. पै मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मणिपाल मीडिया नेटवर्क लि. के अध्यक्ष, श्री टी. सतीश यू. पै विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित थे ।

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पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्तीय साक्षरता क्या है ?

वित्तीय साक्षरता का आशय व्यक्तिगत वित्त के प्रबन्धन की जानकारी से है। जब लोग उपलब्ध वित्तीय उत्पादों के बारे में जानते हैं तथा प्रत्येक उत्पाद के गुण दोष तथा उनकी जरूरत के अनुरूप उत्पाद की योग्यता का आकलन कर सकते हैं तो वे क्या चाहते हैं, अच्छे प्रकार से निश्चय कर सकते हैं। वे अपने आप को जागरूक महसूस करते हुये सेवाओं में कमियों के लिये दायित्व की माँग करते हैं तथा अपनी शिकायतों का निराकरण चाहते हैं।

बैंक क्या है ?

बैंक एक वित्तीय संस्था है जहाँ पर लोग अपना धन सुरक्षा के लिये जमा करते हैं। बैंक जमाकर्ताओं को ब्याज देता है तथा उधार कर्ताओं को धन उधार देता है।

बैंक में खाता कौन खोल सकता है ?

कोई भी व्यक्ति अपने स्थान से सबसे नजदीक बैंक शाखा में जाकर खाता खोलने के फार्म को भरकर बैंक में खाता खोल सकता है।

बैंक खाता खोलने में किस किस चीज की आवश्यकताएं हैं ?

(i) आपका नया फोटो

(ii) निम्नलिखित प्रालेखों में से कोई एक या अधिक प्रति

(क) फोटो पहचान पत्र

(ख) राशन कार्ड

(ग) ड्राइविंग लाइसेंस

(घ) पैन कार्ड

(ड.) टैलिफोन बिल

(च) बिजली का बिल

(छ) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार कार्ड

(ज) नरेगा जाॅब कार्ड

कितने प्रकार के बैंक खाते होते है ?

(i) बचत खाता:

अपनी बचत को रखने का आसान खाता। बैंक इस खाते पर प्रतिदिन की शेष राशी पर ब्याज देता है तथा 6 महीने में एक बार इस ब्याज को खाते मे जमा कर देता है।

(ii) नो फ्रिल खाता:

यह एक प्रकार का बचत खाता ही होता है जिसमें शून्य या बहुत कम राशि जमा की जाती है जिससे कि कम आय वाले अधिक से अधिक जनता की बैंकिंग सुविधाओं तक पहुँच हो।

(iii) चालू खाता:

चालू खाते मे बैंकों ने लेन देन की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं कर रखी है तथा इन खातों के शेष पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है।